Thursday, April 1, 2010

ज़िन्दगी कही भाग सी गयी है इस भगदर में

हम ज़िन्दगी में हर चीज से भागते हैं, कभी अपनों से कभी सपनो से, कभी सच से कभी झूठ से तो कभी हकीक़त से। भागते ही रहते हैं ...... भागते ही रहते हैं.. भागते ही रहते हैं... बिना रुके, ओफ! ये भागम-भाग..!! ज़िन्दगी कही भाग सी गयी है इस भगदर में।

11 comments:

  1. आपके ब्लॉग पर आकर कुछ तसल्ली हुई.ठीक लिखते हो. सफ़र जारी रखें.पूरी तबीयत के साथ लिखते रहें.टिप्पणियों का इन्तजार नहीं करें.वे आयेगी तो अच्छा है.नहीं भी आये तो क्या.हमारा लिखा कभी तो रंग लाएगा. वैसे भी साहित्य अपने मन की खुशी के लिए भी होता रहा है.
    चलता हु.फिर आउंगा.और ब्लोगों का भी सफ़र करके अपनी राय देते रहेंगे तो लोग आपको भी पढ़ते रहेंगे.

    सादर,

    माणिक
    आकाशवाणी ,स्पिक मैके और अध्यापन से सीधा जुड़ाव साथ ही कई गैर सरकारी मंचों से अनौपचारिक जुड़ाव
    http://apnimaati.blogspot.com



    अपने ब्लॉग / वेबसाइट का मुफ्त में पंजीकरण हेतु यहाँ सफ़र करिएगा.
    www.apnimaati.feedcluster.com

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  2. "ज़िन्दगी कही भाग सी गयी है इस भगदड़ में"
    हार्दिक शुभकामनाएं

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  3. 90 % we all suffer from Jaldbaji

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  4. ब्लागजगत में आपका स्वागत है!अपने मनपसंद विषयों पर लिखिए और पढ़िए!!!मेरी शुभकामनाये!!

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  5. चलिए शुरुआत तो हुई इस भागदौड़ की

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  6. एक शेर अर्ज है....
    भागदौड़ की जिंदगी वो मशरूफ रहा
    दो पल के लिए रुका तो डरा मिला...

    आप जारी रहिये. शुक्रिया.

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  7. हिंदी ब्लाग लेखन के लिए स्वागत और बधाई
    कृपया अन्य ब्लॉगों को भी पढें और अपनी बहुमूल्य टिप्पणियां देनें का कष्ट करें

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  8. Milind ChaturvediApril 3, 2010 at 12:43 AM

    I generally don’t become speechless but now if it comes to comment on your literature, I stand with no word..Only one thing that I would say is “The difficulty of literature is not to write, but to write what you mean”
    You stand here with full majority..God bless you!!

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  9. कली बेंच देगें चमन बेंच देगें,

    धरा बेंच देगें गगन बेंच देगें,

    कलम के पुजारी अगर सो गये तो

    ये धन के पुजारी वतन बेंच देगें।

    हिंदी चिट्ठाकारी की सरस और रहस्यमई दुनिया में राज-समाज और जन की आवाज "जनोक्ति "आपके इस सुन्दर चिट्ठे का स्वागत करता है . . चिट्ठे की सार्थकता को बनाये रखें . नीचे लिंक दिए गये हैं . http://www.janokti.com/ , साथ हीं जनोक्ति द्वारा संचालित एग्रीगेटर " ब्लॉग समाचार " http://janokti.feedcluster.com/ से भी अपने ब्लॉग को अवश्य जोड़ें .

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  10. इस नए चिट्ठे के साथ हिंदी ब्‍लॉग जगत में आपका स्‍वागत है .. नियमित लेखन के लिए शुभकामनाएं !!

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